अपनी औकात इतनी बढ़ाओ | कि जिस इंसान से तुम दो मिनट बात करने के लिए तरसते हो | वो फ्युचर में तुमसे दो मिनट मिलने के लिए एप्पोइंटमेंट लेकर आए |
पढ़ाई ... यही तुम्हारा सबसे बड़ा हथियार है |इसको सही तरीके से यूज करना जान लिया तो समझो सब जान लिया |
एक्जाम कोई भूत नहीं है जो तुम्हें खा जाएगा जवाब देने से तब तक मत रुकना जब तक तुम Satisfy ना हो जाओ | रफ्तार से लिखना अभी से लिखने की प्रैक्टिस करना | जब लिखो तब ऐसा लगे .... कि यही है असली Topper ये पेन तुम्हारी तलवार है और पेपर तुम्हारा दुश्मन | ये आन्सर शीट तुम्हारा जंग का मैदान है |
तुम्हारे पेन को पेपर से लड़ने के लिए एक सेकंड भी मत रोकना | आन्सर शीट के जंग के मैदान में रंग भरते रहना | जब तुम्हें लगे की कोई क्वेस्चन नहीं आ रहा तो उसपे टाइम वेस्ट मत करना | उसको बोलना तुझे तो मैं थोड़ी देर बाद देखुंगा | हरेक क्वेस्चन को एक एक चैलेंज समझना | इस चीज की फिकर मत करना कि तुम्हें कौनसा क्वेस्चन आ रहा है कौनसा नहीं आ रहा | तुम्हें सिर्फ उसपे ध्यान देना है जिसका जवाब तुम लिख रहे होंगे |
क्योंकि क्वेस्शन्स से ही मिलकर पेपर बनता है और पेपर से ही बोर्ड का एक्जाम | जिस तरह से मकान की दीवारों मे हरेक ईंट का महत्व होता है | उसी तरह तुम्हारे एक्जाम में तुम्हारे जवाबों के हरेक शब्द का महत्व होता है |
हरेक क्वेस्चन पर ध्यान दोगे हरेक लाइन के हरेक शब्द पर ध्यान दोगे | तभी तुम एक्जाम को टॉप कर पाओगे |
कोई बगल वाला तुमसे तेज भाग रहा हो| तो मन ही मन बोलना कि जो मकान जल्दी जल्दी बनाया जाता है उसमे गलती रहने के चान्स भी ज्यादा रहते है| अगर बगल वाले को तुमसे ज्यादा क्वेस्चन के जवाब पता हो तब ध्यान देना सिर्फ उनही प्रश्नों के उत्तर पर जो तुम्हें बहुत अच्छे से आते है !
तुम्हें कॉन्फ़िडेंस किसी भी हालत में कम नहीं करना है ! अगर एक बार बैक फुट में चले गए तो टाइम सट्ट से भाग जाएगा| अगर कॉन्फिडेंट रहे तो ये एक्जाम तुम्हारे लिए 20-20 मैच का काम करेगा| और तुम इसमे सेंचुरी मार दोगे
चाहे कोई कितना भी पढले ... एक्जाम वाला कॉन्फ़िडेंस ही मार्क्स . पर असर डालता है | चाहे कोई कितना ही रटले ... एक्जाम में कूल रहने वाला ही असली Topper रहता|
इस एक्जाम में अपनी पूरी जी जान झोंकने की कोशिश करना| इस एक्जाम को .... गर्व करने वाली एक एतिहासिक घटना में बदल देना| साबित कर देना ... कि लोग जितना सोचते है तुम उस से कही ज्यादा सोचते हो|
साबित कर देना ... कि तुम जितना सोचते हो ... तुम उस से कहीं ज्यादा हो| ये सिर्फ लिखने वाली एक्जाम नहीं है ये तुम्हारे कॉन्फ़िडेंस की एक्जाम है | तुम्हारी प्लानिंग की एक्जाम है तुम्हारे जुनून की एक्जाम है|
इसको सिर्फ पेपर से जोड़ कर के मत देखना नहीं तो डरते रहोगे| और डरना तुम्हें अच्छा नहीं लगता|
इसलिए एक्जाम को बोलो कि सुन एक्जाम ...थोड़ा सा वैट कर मै अपने हथियार घिस रहा हूँ| तू चाहे कितनी भी बड़ी हो| तुम तो मेरी ही Fix है !


0 टिप्पणियाँ:
एक टिप्पणी भेजें