एक छोटा सा छिद्र पूरी नाव को डूबा देता है वैसे ही छोटी - छोटी गलतियां बहुत बड़े बड़े नुकसान करवा देती हैं|
आदत जो आपको असफल बनाती है |
या तो आप इस आदत को खत्म कर दीजिए नहीं तो यह आदत आप को खत्म कर देगी |
इसलिए एक लेखक ने लिखा है|
करत करत अभ्यास जड़मति होत सुजान रसरी आवत जात सिल होत निशान|
जिस प्रकार कुँए पर रस्सी का उपयोग करते वक़्त बार बार घिसने से पत्थरों पर भी निशान पड़ जाते हैं| उसी प्रकार बार बार अभ्यास करने से मंदबुद्धि भी समझदार और ज्ञानी हो जाता है ।
पानी की एक छोटी सी बूंद भी अगर पत्थर पर एक ही जगह बार बार गिरे तो वह पत्थर में सुराख बना सकती है|निरंतरता जो किसी भी इंसान को सफल बना सकती है| इसी निरंतरता की कमी निरंतरता किसी भी इंसान को असफल बना सकती है|
आज आपने सोच लिया कि मैं आज पढ़ लूंगा आज अपने मन को कंट्रोल में रख लूंगा आपने सोच लिया कि मैं यह काम करूंगा 1 घंटे नहीं 2 घंटे करूंगा| लेकिन अगले दिन आप भूल गए कि आपको रोज पढ़ना था केवल 1 दिन नहीं पढ़ना था रोज पढ़ना था आप को अपने मन को रोज कंट्रोल में रखना था|
जोश में आकर कोई भी काम करने में लग जाते हैं और अगले दिन भूल जाते हैं जबकि सफलता को पाने के लिए किसी भी काम को बार - बार लगातार निरंतरता के साथ करना पड़ता है|
1 दिन या 2 दिन कोई भी काम करने से आपको अच्छे रिजल्ट नहीं मिलेंगे| 2 दिन जिम जाने से किसी को शारीरिक परिवर्तन दिखाई नहीं देते बल्कि साल भर लगातार जाने के बाद आपको रिजल्ट दिखाई देते हैं|
एक नदी अपनी ताकत से नहीं बल्कि निरंतर प्रयास से चट्टान को काटकर रास्ता बना लेती है| बारिश की बूंदे छोटी ही सही लेकिन उनका लगातार बरसना नदी का बहाव बन जाता है|
ऐसे ही हमारे छोटे छोटे ही सही लेकिन निरंतर प्रयास हमारे जीवन में परिवर्तन ला सकते हैं सफलता के लिए सबसे पहली चीज जो जरूरी है वह लगातार प्रयास आपको हर दिन मोटिवेटेड रहना होगा आपको हर दिन याद रखना होगा कि आपका Target क्या है|
हमारा सबसे बड़ा दुश्मन - आलस
जो आपको किसी भी काम को लगातार करने से रोक देता है आपको बार - बार याद दिलाता है कि कल 2 घंटे पड़े थे ना कल ही तो जिम गया था कल ही तो कितना काम किया था आज रहने देते हैं एक दिन छोड़कर करेंगे और जहां यह सोच आपके मन में आ गई वहां आपकी निरंतरता टूट जाती है|
आलस्य ऐक ऐसा अवगुण हैं जो व्यक्ति के सफ़लता में बाधक होता हैं| आलस्य के कारण व्यक्ति अपने जीवन का कीमती समय नष्ट कर देता है| बाद में उस व्यक्ति को पछतावा भी होता है लेकिन समय बीत जाने पर वापस नहीं आता हैं|
आलस्य को अपने पास न आने दे खुद को उत्साहित और प्रेरित रखिये| केवल मोटिवेशन देखने से काम नहीं बनेगा|यह केवल आपको थोड़ी देर के लिए उत्साहित करेगा|आपको अपना Target याद आ जाता है और आप में जोश जग जाता है| दूसरी बातों में लगकर आप वो सब भूल जाते हैं|
हर रोज़ सुबह खुद को अपना लक्ष्य याद दिलाओ |
जरूरत पड़े तो दिन में एक बार नहीं बल्कि कई बार याद कीजिये| स्टडी में फोकस के लिए यह बहुत ज्यादा जरूरी है|
खुद को याद दिलाते रहो तुम्हारा लक्ष्य क्या है|
और ये आलस आप पर हावी नहीं हो पायेगा| आलसी व्यक्ति का न वर्तमान होता है और न ही भविष्य होता हैं| आलस्य में जीवन बिताना आत्महत्या के समान हैं |
जीवन और समय के महत्व को न समझने वाला अपना कीमती जीवन और समय आलस्य के कारण गवां देता हैं | आलस्य के कारण व्यक्ति स्वयं का कितना नुक्सान करता हैं इसका ज्ञान उसे खुद नहीं होता हैं|
जैसे नदी बह जाती हैं और लौट कर नहीं आती , उसी तरह रात और दिन मनुष्य की आयु ले कर चले जाते हैं , फिर नहीं आते | सही दिनचर्या का न होना भी आलस्य को बढ़ावा देता हैं और धीरे - धीरे आलस्य दिनचर्या का हिस्सा लगने लगता हैं | ये ही कारण है ध्यान हटने का हमेशा खुद को याद दिलाते रहो|
खुद से वादा कीजिये की कभी आलास को हावी नहीं होने देंगे| और हमेशा MOTIVATED रहेंगे|
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हमेशा याद रखिऐ|
पतझड़ हुए बिना पेड़ों पर नए पत्ते नहीं आते , कठिनाई और संघर्ष सहे बिना अच्छे दिन नहीं आते है|

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